MADHINATH BAREILLY
Tuesday, September 8, 2020
12 may 2018
मढ़ीनाथ का मंदिर भी बहुत पुराना है1किसी समय में मढ़ीनाथ मंदिर के आस पास खेत,जंगल व तालाब हुआ करते थे और लोग केवल यहाँ दिन में ही आया करते थे.आज बहुत आबादी बस गयी है यहाँ1 पंडितों वाली गली में 1970 की तरफ कई बड़े बड़े बाग़ हुआ करती थे.जहाँ पे बच्चे खेलने जाया करते थे1
मढ़ीनाथ में कुछ पुराने ज़माने की कोठिया अभी भी बनी हुई हैं1इन पुरानी कोठियों में किसी समय बहुत तरह की फुलवारी हुआ करती थी1बहुत ही खूबसूरत तरह के फूल यहाँ मिलते थे1होली के अवसर पे सब बच्चे इन कोठियों में फूल तोड़ने जाया करते थे1जो लोग 1970s और 1980s की तरफ मढ़ीनाथ में रहते थे वह जानते हैं की मढ़ीनाथ पे होली कितनी प्रेम से मनाई जाती थी.वह दौर कुछ और ही था.पंडितों वाली गली में बहुत ही धूमधाम से होली मनाई जाती थी.पुराने स्वदेश भूषन स्कूल के आस पास और पोस्ट ऑफिस की तरफ भी होली का मज़ा कुछ और ही था.अब तो मढ़ीनाथ ही बहुत कुछ बदल गया है.मढ़ीनाथ की रामलीला में अयोध्या से मंडली रामलीला करने आया करती थी1शिव मंदिर(पुराने मंदिर ) पे गंगा दशेरा पे पतंगों का मेला लगता था और बाहर से लोग पतंग उड़ाने यहाँ आते थेअब तो सब कुछ खत्म हो गया है.पहले की बात ही कुछ और थी .पुराने स्वदेश भूसन स्कूल के सामने पुरानी कोठी में बी एस एफ(BSF) का ऑफिस हुआ करता था
यहाँ पर सब लोग मिल जुल कर त्यौहार मनाया करते थे1उस ज़माने में मढ़ीनाथ में केवल पांच दुकानें हुआ करती थी1सबसे पुरानी दुकान मढ़ीनाथ की पुलिआ के पास विशम्बर चाचा की है जो आज भी पुलिआ के पास है.विशम्बर चाचा के दोनों बेटे आजकल वहां बैठते है1
कोई मढ़ीनाथ का पुराना है क्या यहाँ पे?मढ़ीनाथ के बारे में कोई यहाँ पोस्ट नहीं डालता है?कुछ मढ़ीनाथ के बारे में भी में पोस्ट करो.पंडितों वाली गली का है कोई यहाँ पे?
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